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Hindi Kahaniya : Motivational stories in hindi हौसले की उड़ान

नमस्कार मैं कोई अच्छा लेखक नही हूँ बस आज वही लिखने जा रहा हूँ जो मेरी ज़िंदगी मे हुआ है।
      शाम ढल रही थी सब घर लौट रहे थे सूरज की लालिमा अब बस बादलो पर दिखाई दे रही थी। मैं भी अपनी गायों को लेकर लौट रहा था वो मंद मंद हवा और उसमें कहीं दूर से आती मंदिर के घंटियों की आवाज़ मौसम को और भी खूबसूरत बना रही थी दिल चाहता था कि वक़्त यहीं रुक जाए और मैं इसी पल में खो जाऊं जैसे पानी मे चीनी खो जाती है। लेकिन मेरे चाहने से क्या होगा वक़्त तो नही रुकता न । मैन तेज़ी से कदम बढ़ाए और अपने घर की ओर चल दिया लेकिन मन में  वही ख्याल था जो मैं सोचना नही चाहता था। लेकिन मैं ही आखिर क्यों ऐसा क्यों हूँ क्यों लोग मेरे साथ ही ऐसा करते हैं क्या मेरी ज़िंदगी यही है। सच कहूं तो मुझे मेरे इस हुनर से ही नफरत हो गयी थी क्या ये भी कोई हुनर है की मैं किसी की भी तस्वीर बिल्कुल उसके जैसी ही बना देता हूँ तो इसका यह मतलब तो नही न की हर शाम जब मैं थक हार कर घर पहुँचूं तो पूरा गांव मुझसे तस्वीर बनवाये। इन्ही ख्यालो में खोए हुए मैं कब घर पहुंच गया मुझे पता ही नही चला। "कहाँ देर हो गयी आज जल्दी से खाना खा लो सब तुम्हारा…

Hindi Kahaniya ( AALSI BETA) [हिंदी कहानियां ( आलसी बेटे)]

तो आज मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ एक हिंदी कहानी। जो किबच्चो के लिए हिंदी कहानी है। कहानी का शीर्षक आलसी बेटाहै। एक अमीर साहूकार था जो अपनी पत्नी और बेटे के साथ एक कस्बे में रहता था और उसका बेटा बहुत ही आलसी था और दूसरी तरफ साहूकार था बहुत ही परिश्रमी था वह सूर्योदय से पहले हर सुबह शिव मंदिर जाता था और उसके बाद वह अपने खेतों का एक चक्कर लगाता था और जहाँ उसका सारा कारोबार फैला हुआ था साहूकार अपने बेटों के साथ बहुत परेशान था उसकी वजह थी उनका आलसी रवैया जब वह उनसे अपने साथ खेत पर या दुकान पर चलनर को कहता तो वो मन कर देते और सो जाते थे। साहूकार बहुत परेशान हो गया और कुछ दिनों के बाद अकेले खेतों में जाने लगा जब वह बहुत बीमार हो गया और उसकी मौत हो गयी। उसके पिता की मृत्यु के तुरंत बाद सुमित ने व्यवसाय संभाला लेकिन पिता के व्यवसाय में कोई दिलचस्पी नहीं ली, जिससे उसे इस व्यवसाय में बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा था, यह देखकर इसकी माँ ने उनसे कहा कि बेटा, हमें व्यापार में बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है, "तो इसमें मुझे क्या करना चाहिए? व्यापार का कोई भी ज्ञान मेरे पास नही है" जो आपके दादा…