पोस्ट

मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Hindi Kahaniya : Motivational stories in hindi पढ़ाई का जुनून(part-1)

चित्र
आज आप पढ़ने जा रहे हैं ऐसी Hindi Kahaniya जो Motivational stories in hindi हैं और ये Kahaniya आपकी सोच बदल देंगी।


"क्या आप ही शेखर चक्रवर्ती हैं?" स्कूल के गार्ड ने मुझसे सवाल किया तो मैंने हाँ में सिर हिला दिया। यहां बैठिये अभी प्रिंसिपल सर नही आये हैं थोड़ा इंतज़ार कर लीजिए आते ही होंगे। वही सर जो कभी लेट नही होते थे। मैं उन्ही का इंतज़ार कर रहा था, जिन्होंने मुझे ये ज़िन्दगी दी थी।

आज जब 15 साल बाद उसी जगह खड़ा हूँ जहां से शुरुआत की थी तो कई सारी यादें किताब के पन्नो की तरह तेज़ी से पलटती नज़र आती हैं जैसे किसी तेज़ हवा ने उसे छेड़ दिया हो।

                       हाँ आज वहीं खड़ा हूँ जहां से मैंने पढ़ाई की थी। मुझे आज भी स्कूल का वो दिन याद है, जब मैं यहां इसलिए आता था क्योंकि मैं पढ़ना चाहता था लेकिन वो ये कह कर मुझे हमेशा भेज देते थे कि जा अपने पापा को लेकर आ तब तुझे यहां पढ़ने को मिलेगा, तब तेरा नाम  लिखा जाएगा। क्या कहता उनसे की मेरे पापा खुद नही चाहते कि मैं पढ़ाई करूँ।
                         ऐसा नही था कि मैंने पापा से नही कहा था कि मुझे भी पढ़ाई करनी है, पर वो कहते थे इतने पैसे…

Hindi Kahaniya : Motivational stories in hindi पढ़ाई का जुनून (part-2)

चित्र
आप पढ़ रहे हैं पढ़ाई का जुनून। ये Hindi Kahaniya , Motivational stories in hindi की हैं। इसमें अभी तक आपने पढ़ा कि एक लड़का जो पढ़ना चबाता है चोरी से पढ़ता है लेकिन पकड़े जाने पर टीचर उसे बहुत मारते हैं और चपरासी को उसे एक रूम में बंद करने का आदेश देते हैं
READ 1ST PART-पढ़ाई का जुनून(part-1)






 उस दिन पता चला था कि इस दुनिया मे सच मे भगवान हैं और वो हमसे दूर नही है आस पास ही हैं बस हम उन्हें पहचान नही पाते या शायद वो खुद को दिखाना ही नही चाहते बस जिसको जरूरत होती है उसके पास ही आते हैं।
                            रात के यही कोई 10 बजे होंगे जब वो भगवान मेरे घर आये। मुझे तो समझ ही नही आ रहा था उन्हें कहाँ बिठाऊँ फटी हुई बोरी पर या टूटी हुई चारपाई पर जिसपर बैठने से शायद चारपाई टूट जाती। लेकिन वो तो भगवान थे वो शायद मेंरी परेशानी समझते थे और घर के बाहर वाले चबूतरे पर बैठ गए।
                            उन्होंने पापा से बात करना शुरू किया "आपका बेटा पढ़ना चाहता है मैं चाहता हूँ कि आप उसका प्रवेश पास के विद्यालय में करा दें। उसका सारा खर्चा मैं दूंगा।" यह सुनकर पापा ने मेरी तरफ देखा मैं …

HINDI KAHANIYA : MORAL STORIES IN HINDI जादूगर का खेल (मंत्री सुमेर की कहानियाँ-5)

चित्र
नमस्कार मित्रो ये Hindi Kahaniya , मंत्री सुमेर की Kahaniyaan हैं। ये सभी कहानियाँ शिक्षाप्रद कहानियाँ( Moral Stories In Hindi ) हैं और कुछ हंसाने वाली( Funny Stories In Hindi ) हैं।

इस कहानी से पहले पढ़ें- बुरी संगति

                राजगुरु कैलाश से अलग तो हो गए थे, लेकिन उनके मन मे अभी भी सुमेर के लिए गुस्सा था। वो हमेशा मौका खोजा करते थे कि कैसे सुमेर से बदला लिया जाए। जब अंत मे उन्हें कोई मौका नही मिला तो उन्होंने सोचा कि अब सुमेर को जान से ही मारना पड़ेगा।

                       उन्होंने महाराज से  कुछ दिनों की छुट्टी मांगी। और कहा कि महाराज अब मेरी उम्र हो रही है सोच रहा हूँ कुछ दिनों के लिए हिमालय जाकर घूम आऊं। मैं जल्दी ही आ जाऊंगा। महाराज ने आज्ञा दे दी और राजगुरु चले गए एक जादूगर के पास। वहां जाकर उन्होंने ढेर सारे जादू सीखे। जिससे सबको अच्चम्भित कर सकें। जब उन्हें लगा कि अब वो सुमेर को मज़ा चखाने के लिए तैयार हैं। तो वो भेष बदल कर राजा सूर्यभान के दरबार मे वापस आये।

                         उनके इस रूप को कोई नही पहचान पाया। राजा ने पूछा तुम कौन हो? तो राजगुरु ने कहा मैं जादू…

HINDI KAHANIYA : MORAL STORIES IN HINDI बुरी संगति (मंत्री सुमेर की कहानियाँ-4)

चित्र
नमस्कार! ये HINDI KAHANIYAAN पूरी तरह से काल्पनिक हैं। ये kahaniyaan शिक्षाप्रद (Moral stories in hindi) और हास्यास्पद (Funny stories in hindi) हैं।

राजा सूर्यभान के दरबार मे कई मंत्री थे, लेकिन उनमें सबसे बुद्धिमान सुमेर थें। जिससे राजा उन्हें बहुत मानते भी थे। उसी दरबार मे एक मंत्री था कैलाश। एक बार कोई बात हुई थी तो सुमेर ने कैलाश का मज़ाक उड़ाया था। जिससे कैलाश की भरे समाज मे बहुत बेज़्ज़ती हो गई थी। तब से कैलाश सुमेर से बहुत जलन करता था, और उसे मज़ा चखाना चाहता था।

                         उसी दरबार मे सूर्यभान के राजगुरु को भी सुमेर ने कई बार बेज़्ज़त किया था। इसलिए वो भी सुमेर से खार खाये बैठा था। और ये तो सुना ही होगा कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है। उसी तरह कैलाश और राजगुरु में भी खूब अच्छी मित्रता हो गयी। वो दोनों मिलकर सुमेर को सबक सिखाने का तरीका खोजने लगे।

                   वो जानते थे कि राजा सुमेर की ही बात मानते हैं और किसी पर विश्वास ही नही करते। तो उन्होंने सोचा कि सबसे पहले महाराज के मन मे सुमेर के लिए गुस्सा भरें तो ही कुछ फायदा होगा।

                   एक दिन जब राजद…