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LOVE STORY IN HINDI :LOVE STORY दूसरी मुलाकात By no1hindikahaniya.online

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 दूसरी मुलाकात
आज आप पढ़ेंगे love stories in hindi की kahani 'दूसरी मुलाकात।'
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                   आज उससे मुलाकात हुई, जिससे दूर हुए 5 साल हो चुके थे। उससे मिलते ही जिंदगी फिर से किसी फिल्म की तरह पुराने दिनों में चली गयी। वो सभी पल जो उसके साथ बिताये थे, सभी आँखों के सामने आ रहे थे। ऐसा लग रहा था की कोई फिल्म चल रही है, आँखों के सामने।








                मै घर आ गयी थी लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे जिंदगी अभी भी उसी ऑफिस में रुकी है, जहाँ 1 घंटे पहले उसे देखा था। वो अभी भी वैसा ही लगता था, जैसा आज के पांच साल पहले लगता था। वही भूरी आँखें और होंठो पर हल्की सी मुस्कान, पर अब उन बातों का क्या फर्क पड़ता है ?  अब वो वह तो नहीं जो पांच साल पहले हुआ करता था।

              "क्या हुआ किस ख्याल में गुम हो ?" माँ ने कहा, तो जैसे नीद से जागी। मुझे तब एहसास हुआ की अभी तक मै वैसे ही बैठी हूँ जैसे ऑफिस से आने के बाद थी। मुझे घर आये आधा घंटा हो गया है और मुझे इसका एहसास भी नहीं है। टेबल पर रखी कॉफ़ी भी ठंडी हो चुकी …

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI सुमेर का अंत (सुमेर की कहानियाँ) कहानी 20

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सुमेर का अंत

आज सुमेर की HINDI KAHANIYAAN में आप पढेंगे KAHANI 'सुमेर की मौत'।



                                     वैसे तो सुमेर बहुत ही बुद्धिमान था। वो दिल का भी बहुत अच्छा था। सुमेर की जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा था लेकिन जो होना होता है उसको कौन रोक सकता है ? भगवान के कारनामे के आगे तो सब हार जाते हैं। कोई कितना भी अच्छा क्यों न हो उसकी जिंदगी का अंत तो होता ही है। पता नहीं क्यों भगवान उन लोगो को जल्दी मौत दे देते हैं जो दिल के अच्छे होते हैं। उसी तरह सुमेर की जिंदगी का भी अंत आ गया।

                                     एक दिन दरबार से छुट्टी हुई तो सुमेर अपने खेत पर काम करने चला गया। उसे क्या पता था की ये दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन होगा। वो खेत में काम कर रहा था की अचानक उसे एक जहरीले सांप ने काट लिया। सुमेर ने सांप को देखा तो समझ गया की इस सांप के काटने से कोई आज तक नहीं बचा है। अतः उसकी मौत आ गयी है।



                                     उसने अपना अंत जाना तो वो घर की तरफ भागा। वो घर तक आते आते बेहोश होने लगा। किसी तरह घर पहुंचा तो उसमे खड़े होने की भी ताक़त नहीं थी।…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI राज्य में राज्य (सुमेर की कहानियाँ) कहानी 19

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राज्य में राज्य
आज आप पढेंगे MORAL STORIES IN HINDI जो की सुमेर की HINDI KAHANIYA से जुडी है।


राजा सूर्यभान के राज्य में जब वो जादूगर आया था जिसने अफ्सराओं का नृत्य दिखाने को कहा था। तभी से राजा ऐसा जादू देखना चाहते थे जो उन्होंने कभी पहले न देखा हो। राजा ने सुमेर से कहा," सुमेर तुम तो असंभव से असंभव कार्य भी कर लेते हो। मेरी एक ख्वाइश है, क्या तुम पूरी कर पाओगे ?" सुमेर ने कहा," आदेश करें महाराज।" राजा ने दिल की बात कह दी।
                                                सुमेर ने कहा," इसमें कोई बड़ी बात नहीं। मै आपको ऐसा जादू दिखा सकता हूँ लेकिन इसके लिए आपको वहां चलना होगा जहाँ मै कहूँगा।" राजा तैयार हो गए। सुमेर ने कहा," ठीक है महाराज। मै जिस दिन कहूँगा उस दिन चलिएगा और सेना को भी  साथ ले लीजियेगा। मै आपको पाताल लेकर चलूँगा और वहां के राजा से मिलवाऊंगा।" राजा बड़े खुश  हुए।




                                                 राजा उस दिन का इंतज़ार करने लगे जब पाताल चलना था। आखिर वो दिन आ ही गया। सुमेर सैनिको और राजा के साथ चल दिया। वो सब चलते चल…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI राजा पर जूती (सुमेर की कहानियाँ) कहानी 18

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राजा पर जूती
आज सुमेर की HINDI KAHANIYA में आप पढेंगे MORAL STORIES IN HINDI जो की FUNNY STORIES IN HINDI से भी जुडी हुई हैं।

                                              राजा सूर्यभान का दरबार लगा हुआ था। तर्क वितर्क चल रहा था। राजा ने कहा कि लोग किसी भी बात को आसानी से नहीं मानते। उन्हें मूर्ख बना कुछ भी करा पाना आसान नहीं होता। दरबार के बहुत से मंत्रियों ने राजाजी के बात में बात मिलायी और कहा," महाराज आप बिल्कुल सही कह रहे हैं।"

                                              राजा ने इस बात को जब सुमेर से कहा तो सुमेर ने इस बात से साफ़ इनकार कर दिया। सुमेर ने कहा," लोग किसी भी बात को बड़ी ही आसानी से मान  जायेंगे। अगर उन्हें बात बताने वाला बुद्धिमान हो।" सुमेर ने कहा," मै असंभव से असंभव कार्य भी किसी से करा सकता हूँ उसे मूर्ख बना कर। उसने आगे कहा," महाराज मै तो यहाँ तक कहता हूँ की मै राजा पर जूते तक मरवा सकता हूँ।"



                                             ये बात राजा को सही नहीं लगी। राजा ने कहा," ये तुम मुझे करके दिखाओ।" सुमेर ने कहा,&…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI दान किसे? (सुमेर की कहानियाँ) कहानी-17

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दान किसे? 
आज सुमेर की HINDI KAHANIYAAN में आप पढेंगे MORAL STORIES IN HINDI की KAHANI  दान किसे?

                                               राजा सूर्यभान वीर और प्रजा का ख्याल रखने वाले थे। जिसकी वजह से उनकी प्रजा बहुत ख़ुशी से रहती थी। प्रजा धनी थी इसलिए राजा को कर भी अच्छा मिलता था। जिससे राजकोष भी खूब भरा था। एक दिन राजा का दरबार लगा था।
                                               राजा ने लोगो से सलाह मांगी की मेरा राजकोष काफी भरा हुआ है मुझे उसका धन कहाँ खर्च करना चाहिए। लोगो ने कहा," महाराज राज्य  में विद्यालय बनवाइए और प्रजा के पास जो कमी है वो पूरा कीजिये।"  राजा ने कहा,"ये सभी किया जा रहा है और फिर भी काफी धन बच रहा है।" राजगुरु ने कहा ," महाराज कहा जाता है की धन यदि ज्यादा हो तो दान करना चाहिए। दान करने से धन बढ़ता है।"
                                                राजा को ये बात अच्छी लगी लेकिन अब समस्या ये थी की दान किसे दिया जाए। तो राजगुरु ने कहा," महाराज दान तो ब्राहमण को ही करना चाहिए क्योंकि वो बहुत ही संतोषी होते हैं।" र…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI कीमती हार (सुमेर की कहानियाँ) कहानी-16

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कीमती हार
आज सुमेर की HINDI KAHANIYAAN में आप पढ़ेंगे KAHANI 'मोती का हार'।

                          राजा सूर्यभान के राज्य में एक सेठ रहता था। वो अब बुड्ढा हो गया था और कुछ दिन बाद मर गया।
                        उस सेठ के दो बेटे थे। सेठ की मौत के बाद धन का बटवारा दोनों भाइयों में होने लगा। छोटे भाई ने कहा की सब बंटवारा हो गया लेकिन पिताजी का एक कीमती हार था उसका बंटवारा नहीं हुआ है। बड़े भाई ने कहा," वो हार नकली था और मुझसे कहीं खो गया।" छोटे भाई ने कहा,"वो हार नकली नहीं था।" और बड़ा भाई अपनी ही बात पर था।बात बढती गयी, दोनों भाई न्याय के लिए राजा के दरबार में पहुंचे।



                             राजा सूर्यभान का दरबार लगा हुआ था। राजा प्रजा की परेशानियाँ सुन रहे थे। छोटे भाई ने अपनी बात रखी। उसने कहा," महाराज मेरे पिताजी का एक कीमती मोतियों का हार था। मेरा भाई उसमे से मुझे हिस्सा नहीं दे रहा है।" बड़े भाई ने कहा," महाराज वो हार नकली था और मुझसे कहीं गुम हो गया।," छोटे भाई ने कहा," महाराज ऐसा नहीं हो सकता। जो अपने नौकरों तक को असली ग…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI फूल की चोरी (सुमेर की कहानियाँ) कहानी-15

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फूल की चोरी 
आज सुमेर की HINDI KAHANIYAAN में आप पढ़ेंगे KAHANI 'फूल की चोरी'।

                                 वैसे तो फूल सबको पसंद आता है। अगर बात गुलाब के फूल की बात हो तो वो तो सबको बहुत पसंद आता है। राजा सूर्यभान के बाग़ में बहुत अच्छे अच्छे फूल होते थे। उनमे से गुलाब का फूल सबसे अच्छा होता था और बहुत ही सुगन्धित भी होता था। ऐसा गुलाब का फूल पूरे राज्य में कहीं नहीं मिलता था।
                              एक बार राजा ने अपने सभी मंत्रियों को एक एक गुलाब का फूल दिया था। राजा ने सुमेर को भी वो फूल दिया था। सुमेर ने वो फूल अपनी पत्नी को ले जाकर दे दिया।


                                 सुमेर की पत्नी को वो फूल बहुत पसंद आया। सुमेर की पत्नी को वो फूल इतना पसंद आया की वो अपने बेटे को राजा के बाग़ में भेजकर रोज गुलाब का एक फूल मंगवाने लगी। वो ये काम चोरी से करवाती थी। ये बात सुमेर को पता नहीं थी की उसकी पत्नी राजा के बाग़ से फूल मंगाती है, वो भी चोरी से।

                                 राजा के सैनिको को ये बात पता चली। सैनिको में इतनी हिम्मत नहीं थी की वो राजा के सामने सुमेर की श…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI पुनर्जन्म (सुमेर की कहानियाँ) कहानी-14

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पुनर्जन्म
आज सुमेर की HINDI KAHANIYA में पढ़ेंगे MORAL STORIES IN HINDI जो की FUNNY STORIES IN HINDI भी है।
                              राजा सूर्यभान पर जब पडोसी देश ने हमला किया था, तो राजा ने वो लड़ाई बड़े बहादुरी से जीत लिया था। उसके बाद उन्होंने उस जीत की ख़ुशी में बहुत ही भव्य आयोजन भी करवाया था। जिसमे दूर दूर से बहुत अच्छे संगीतकार भी आये हुए थे। राजा उनके संगीत सुनकर बहुत खुश हुए।                               उन्हें वो संगीत इतने पसंद आये की वो और ज्यादा संगीत सुनने लगे। वो जितना ज्यादा संगीत सुनते उन्हें संगीत उतना ज्यादा पसंद आने लगा। धीरे धीरे वो अपना महत्वपूर्ण काम छोड़ कर संगीत सुनने लगे। उन्हें संगीत पसंद  आने लगा तो उन्होंने दूर दूर से संगीतकार बुलाना शुरू कर दिया।


                             वो दूर दूर से प्रसिद्ध संगीतकारों को बुलाकर संगीत सुनने लगे। वो संगीत में इतने ज्यादा व्यस्त रहने लगे की वो राज्य का काम भी भूल गए। धीरे धीरे उन्होंने दरबार में जाना भी छोड़ दिया।                                जब उन्होंने दरबार में जाना छोड़ दिया तो दरबार के मंत्री अपनी मनमानी करने लग…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI महत्वपूर्ण कौन? (सुमेर की कहानियाँ) कहानी-13

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महत्वपूर्ण कौन?
आज सुमेर की HINDI KAHANIYA में आप पढ़ेंगे MORAL STORIES IN HINDI जो की FUNNY STORIES IN HINDI भी है।
                                      राजा सूर्यभान का दरबार लगा हुआ था। बात चल रही थी राज्य का विकास कैसे हो ? राज्य के विकास में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण कौन है ?  ऐसा कौन है जो राज्य के भलाई के लिए सबसे ज्यादा ज़रूरी है। इसी बारे में बात चल रही थी। हर कोई अपनी अपनी बात कह रहे थे।

                                     एक दरबारी ने कहा," महाराज राज्य की भलाई के लिए सबसे ज्यादा ज़रूरी है उस राज्य का राजा।  किसी भी राज्य का विकास राजा पर निर्भर करता है। वो कितना अच्छा है। वो अपराधियों को कैसे दंड देता है। गरीबो की कैसे सहायत़ा करता है। लोगो के अधिकारों की कैसे रक्षा करता है।  कैसे वो अपने राज्य को पडोसी राज्यों के हमले से बचाता है। राज्य के अन्दर कैसे शांति रखता है। कैसे सभी लोगो को अपने कामो से खुश रखता है। जब राजा ऐसा करेगा और वो अच्छा होगा तो ही राज्य का विकास होगा। इसलिए राजा किसी राज्य के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।"

                                   राजा …

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI मिट्टी के तरबूज (सुमेर की कहानियाँ) कहानी-12

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मिट्टी के तरबूज
आज HINDI KAHANIYA के MORAL STORIES IN HINDI में आप पढ़ेंगे कहानी मिट्टी के तरबूज

                                  गर्मी ख़त्म हो चुकी थी और बरसात आ गयी थी। इस बार की गर्मी दरबार के लोगो की बहुत अच्छी गयी थी। क्योंकि इस बार उन्हें दरबार में गर्मी का अनुभव नहीं हुआ था। उसका कारण कोई और नहीं सुमेर था क्योंकि उसने दरबार में बगीचे की हवा लायी थी (कैसे लायी पढने के लिए click here)।

                                 राजा सूर्यभान का दरबार लगा था। सभी लोग बड़े खुश थे की गर्मी का मौसम चला गया। अब कोई परेशानी नहीं। उसी समय राजा के बचपन के बहुत अच्छे मित्र आ गए। राजा उनको दरबार में देखकर बहुत खुश हुए। उन्होंने खुद उनका स्वागत किया और उन्हें अपने खुद के निजी कक्ष में ठहराया। राजा अपने मित्र से मिलकर बहुत खुश थे। वो दोनों पूरी रात अपने बचपन के दिनों की बातें करते रहे और उन पलो को याद करके खुश होते रहे। जब रात ज्यादा हो गयी तो दोनों सोने चले गए।
                             राजा के मित्र की नज़र रात को दीवार पर लगे एक चित्र पर पड़ी, जिसमे तरबूज बने हुए थे। उसको देखकर उनके मन में ख्याल आय…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI सुमेर का उपहार (सुमेर की कहानियाँ) कहानी-11

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सुमेर का उपहार
आज सुमेर की HINDI KAHANIYAAN में आप पढ़ेंगे HINDI KAHANI जो की MORAL STORIES IN HINDI है।

                                  राजा सूर्यभान एक शांतिप्रिय राजा थे। वो बेवजह का झगडा या युद्ध पसंद नहीं करते थे, लेकिन अगर कोई उनपर हमला करता था तो वो चुप भी नहीं बैठते  थे। उन्हें युद्ध कौशल का भी अच्छा ज्ञान था। वो हर युद्ध जीतते थे, लेकिन कभी भी अपने राज्य को बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने पडोसी राज्यों पर हमला नहीं किया। वो उनके साथ मित्रता का व्यवहार रखते थे।

                          लेकिन कुछ लोगो को मित्रता पसंद नहीं आती। उसी तरह उनके भी एक पडोसी राज्य को उनकी मित्रता पसंद नहीं आई। उन्होंने राजा सूर्यभान के राज्य पर हमला कर दिया। राजा सूर्यभान को ये बात पसंद नहीं आई। उनकी सेना भी इस युद्ध के लिए तैयार नहीं थी, इसलिए उनकी हार होने लगी। ऐसा देखकर राजा ने खुद युद्ध में जाने का निर्णय लिया। राजा सूर्यभान के युद्ध कौशल के आगे विपक्षी ज्यादा देर नहीं टिक पाए, और आखिरकर उन्होंने राजा सूर्यभान के सामने घुटने टेक दिए।

                          राजा सूर्यभान की चारो तरफ जय जयकार होने ल…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI दरबार में बगीचे की हवा (सुमेर की कहानियाँ) कहानी-10

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दरबार में बगीचे की हवा
आज सुनाने जा रहा हूँ Moral Stories In Hindi की  Hindi Kahaniya

                      एक बार की बात है। राजा सूर्यभान का दरबार लगा हुआ था। राजा प्रजा की परेशानियों को सुन रहे थे। उस वक़्त गर्मी का मौसम था और दोपहर हो गयी थी। जिससे गर्मी और बढ़ गयी थी। लोग गर्मी से बेहाल हो गए थे। लोग सोच रहे थे की इस गर्मी से छुटकारा कैसे पाया जाये? राजा खुद परेशान थे।
                     लोग राजा से सवाल कर रहे थे कि महाराज इस गर्मी का क्या किया जाये? कैसे इस गर्मी से बचा जाये? और इस दरबार को ठंडा किया जाये।

                      ये सभी बातें चल ही रही थी की एक लोग ने कहा कि महाराज गर्मी के मौसम में सुबह सुबह बगीचे में घूमना बहुत अच्छा होता है और तो और सुबह की हवा ठंडी और सुगन्धित होती है बगीचे में।  उसने बताया की महाराज अगर दरबार को बगीचे में लगाया जाए तो मौसम ठंडा रहेगा। दोपहर में भी बगीचे में हवा ठंडी रहती है। राजा को ये बात भा गयी। उन्होंने कहा कि कल से दरबार बगीचे में लगेगा।
                         उस दरबार में बहुत से ऐसे लोग थे जो सुमेर से जलन करते थे। उन्होंने चुटकी लेते…

HINDI KAHANIYAAN : MORAL STORIES IN HINDI ब्राहमण का खज़ाना (सुमेर की कहानियाँ) कहानी-9

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ब्राहमण का खज़ाना
आज सुनाने जा रहा हूँ Hindi Kahaniya की एक कहानी जो की Moral Stories In Hindi से है।

                      राजा सूर्यभान के राज्य में एक ब्राहमण रहता था। उसका नाम रामजन था। वह अब बहुत बुड्ढा हो गया था और चारो धाम की यात्रा करना चाहता था। उसने अपने जीवन में कड़ी मेहनत करके एक हज़ार स्वर्ण मुद्राएं इक्कठी की थीं।
                     वह तीर्थ पर इन मुद्राओं को नहीं ले जाना चाहता था। उसने उन मुद्राओं को थैली में भरकर अपने पडोसी रामधन सेठ को दे दिया। वह सेठ के पास जाकर बोला,"मित्र मै चारो धाम की यात्रा पर जा रहा हूँ। इस थैली को तुम अपने पास रखो। जब तक मै वापस नहीं आता हूँ। इसमें मेरे पुरे जीवन की कमाई है। मै जब तीर्थ से वापस आऊंगा तो इसे वापस ले लूँगा।"
                 सेठजी ने आश्वासन दिया कि आप आराम से जाइये। जब आप वापस आयेंगे, तो इसे ऐसा ही पाएंगे, ये पूरी तरह से सुरक्षित है।
                      इसके बाद ब्राहमण रामजन सेठ को थैली देकर चला गया। वैसे सेठजी उतने भी अच्छे नहीं थे। जितना वो खुद को दिखाते थे। ब्राह्मण के जाने के बाद उन्होंने थैली को खोलकर देखा, तो …

HINDI KAHANIYA : MORAL STORIES IN HINDI स्वर्ग की अफ्सराएँ (सुमेर की कहानियां) कहानी-8

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आज मैं सुनाने जा रहा हूँ HINDI KAHANIYA से जुड़ी   KAHANI जो कि MORAL STORIES IN HINDI के उपसमूह से है। ये KAHANI राजा सूर्यभान और मंत्री सुमेर की है।

राजा सूर्यभान के राज्य में एक बार एक बहुत ही अच्छा जादूगर आया। वो पास के ही किसी राज्य से आया था। पहले तो सब उसके जादू से बहुत खुश हुए लेकिन सबको फिर डर लगने लगा की कहीं ऐसा तो नहीं की कहीं पास के राज्य से कोई जासूस तो नहीं आया है और सब उससे डरने लगे।

                  ये बात धीरे धीरे राज दरबार में पहुंची तो उस जादूगर को कड़ी निगरानी में रखकर उसे दरबार में बुलाया गया, और अच्छे से छान बीन हुई तो पता चला की वो कोई जासूस नहीं है। वो एक जादूगर ही है। जब ये बात फ़ैल गयी तो लोग उसके जादू के कायल हो गए। राजा को भी पता चला की ये बहुत अच्छा जादू दिखाता है। तो राजा ने उसे फिर से महल में बुलाया और उसे अपना जादू दरबार में दिखाने को कहा।

                 जादूगर ने जादू दिखाना शुरू किया। तो लोगो के मुहं खुले के खुले रह गए क्योंकि ऐसा जादू उन्होंने ने अपने जीवन में कभी नहीं देखा था। राजा उसके जादू से बहुत खुश हुए और उसे बहुत सारा धन देकर कहा की कुछ ऐसा…