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Moral stories in hindi for kids : दम दान दया (Moral story)

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आज हम moral stories in hindi for kids की कहानियाँ में पढेंगे कहानी दम दान दया जो की moral stories in hindi से जुडी हुई है 
            वैसे तो हम जितना ज्ञान ले लें उतना कम है। लेकिन कुछ ज्ञान की बातें होतीं हैं जो बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं, इतनी की अगर हम उनके बारे में न जाने तो हमारे जीवन का कोई महत्व नही होता है। आज हम ऐसे ही ज्ञान के बारे में बात करेंगे। 
पुराने समय की बात है। एक बार इंसान देव और दानव के मन में ख्याल आया। ब्रम्हाजी तो वैसे बहुत ज्ञान की बात बताते हैं, लेकिन ऐसा कोई ज्ञान जो आज तक उन्होंने हमको न दिया हो और वो बहुत ही महत्वपूर्ण हो। हमे ऐसे ज्ञान के बारे में ब्रम्हाजी से बात करनी चाहिए। इसी विचार के साथ मानव दानव और देव ब्रम्हाजी के पास पहुंचे।
और कहा ,"भगवान हमे कोई ऐसा ज्ञान दीजिये जो आज तक आपने हमे न दिया हो। और वो हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो।" ब्रम्हाजी बोले ,"मुझे ऐसा ज्ञान देने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अभी तुम लोग उस ज्ञान के काबिल नहीं लगते हो। मुझे नहीं लगता की तुम लोग उस ज्ञान को समझ पाओगे। इसलिए तुम लोग एक साल तक अच्छ…

Best sad poem in hindi : तुम क्या भुलोगी क्या याद रखोगी? by no1hindikahaniya

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ये कविता best sad poem in hindi or best sad love poetry in hindi से जुडी हुई है यह कविता मैंने खुद लिखी है यह कविता आपको कैसी लगी कमेंट करके ज़रूर बताएं।
LISTEN THIS POEM HERE-

तुम क्या भुलोगी क्या याद रखोगी? तुम क्या भुलोगी क्या याद रखोगी?क्या दिल में कभी मेरा भी ख्याल रखोगी?फासले बढ़ जायेंगे जानता हूँ,पर क्या फिर भी तुम मुझसे प्यार रखोगी?

क्या तुम भूल जाओगी वो कसमे वो वादे जो तुम करती थी?वो शायरी जिस वजह से तुम मुझ पर मरती थी,क्या भूल जाओगी वो प्यार जो तुम दूर होने से डरती थी?तो बस इतना बता दो,अब जहन में किसका ख्याल रखोगी?तुम क्या भुलोगी क्या याद रखोगी? 


क्या आसान होगा तुम्हारे लिए वो सब भूल जाना?वो चांदनी रात वो पास आने का झूठा बहाना, मेरी चाहत का क्या फिर भी एतबार रखोगी? बस इतना बता दो क्या भुलोगी क्या याद रखोगी?

सवालात और ख्यालात में क्या फासले- ए - इंतज़ार रखोगी?क्या अब भी गले में तुम मेरे मंगलसूत्र का हार रखोगी?अगर कहती हो हाँ ! इस श्रृंगार को जिंदगी भर संवार रखोगी,तो ख्याल क्यों आया मेरे सामने तलाक- ए- इज़हार रखोगी?

कोई शिकवा नहीं तुमसे, न ही कोई शिकायत है।बस जिंदगी भर तेरे साथ रहने की …

Moral stories in hindi for kids : इन्द्रियों का झगडा by no1hindikahaniya

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इन्द्रियों का झगडा
ये कहानी moral stories in hindi से जुडी हुई है और ये कहानी moral stories in hindi for kids है

जैसा की हम जानते हैं की हमारे शरीर में बहुत तरह की इन्द्रियाँ होती हैं। और उन सब इन्द्रियों का अलग अलग काम होता है।
 अगर कोई एक इंद्री काम करना बंद कर दे तो हमे सामान्य जीवन जीने में तकलीफ होने लगती है। इसलिए कौनसी इंद्री हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है ये पता करना बहुत मुश्किल है। 
इसी तरह एक बार की बात है की सभी इन्द्रियों में झगडा हो गया। तो कौन सबसे महान इंद्री है ये पता चला। इसी की ये कहानी है।


एक बार की बात है। शरीर की सभी इन्द्रियों के बीच झगडा हो गया। झगडा इस बात पर हुआ की सबसे बड़ी इंद्री कौनसी है? सभी इंद्री खुद को दूसरे से बड़ी बताने लगी। ये झगडा मुख्य रूप से मन, वाणी, नेत्र, कान और प्राण इन्द्रिय के बीच हुआ था।
वाणी इन्द्रिय ने कहा की सबसे बड़ी मै हूँ। क्योंकि अगर मै न रहूंगी तो इन्सान बोलेगा कैसे? और अगर वो बोल नहीं पायेगा तो उसके जीवन का कोई महत्व नहीं है।
कान इंद्री ने कहा की सबसे बड़ी मै हूँ। क्योंकि अगर मै न रहूँ तो इंसान सुन नहीं पायेगा और अगर वो सुन नहीं पायेगा तो उसके…

Moral stories in hindi for kids : आपदधर्म by no1hindikahaniya

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आपदधर्म 
नमस्कार दोस्तो आज आप पढ़ेंगे moral story आपद्धर्म ये kahani मुख्य रूप से moral story for kids है जो एक hindi moral story है।
बहुत पुरानी बात है। एक बार कुरुदेश में बहुत ज्यादा बारिश और बर्फ़बारी की वजह से सभी अनाज ख़राब हो गयें। लोगो के पास खाने को थोडा भी अनाज नहीं बचा। स्थिति ऐसी आ गयी की लोग भूखे मरने लगे। पूरी तरह अकाल की स्थिति उत्पन्न हो गयी। उसी देश में एक ऐसा गाँव था जहाँ सभी लोग हाथी रखते थे और सभी लोग महावत (हाथी को चलाने वाला ) थे। उस गाँव में महावतो के सिवा कोई नहीं रहता था। इसलिए उस गाँव का नाम इभ्य था।

उसी गाँव के बाहर चक्रमुनि के पुत्र उषस्ति अपनी पत्नी आटिकी के साथ रहते थे। अकाल की वजह से उनके पास भी कुछ खाने को नहीं था। पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ था। लोग भूख से व्याकुल हो रहे थे और अन्न की खोज में इधर उधर भटक रहे थे। ऋषि उषस्ति के पास भी जब खाने को कुछ नहीं बचा तो वो भी खाने की तलाश में अपनी पत्नी आटिकी के साथ निकल दिए।

क्योंकि पूरे देश में अकाल था, इसलिए काफी भटकने के बाद भी उन्हें कहीं भी कुछ भी खाने को नहीं मिला। स्थिति यहाँ तक आ गयी की ऋषि की पत्नी आटिकी को …